header
Last updated:16 september 2018 Version (1.2)    
A    A    A   
          

विभाग का विस्तृत कार्यक्षेत्र

विधिक माप विज्ञान का महत्व केवल फुटकर व्यापार-व्यवहार तक ही सीमित नही है, बल्कि दैनिक कार्य-कलापों से आच्छादित मानव जीवन के प्रत्येक क्षेत्र मे इसका प्रयोग अपरिहार्य हो चला है। सामान्य मापन प्रक्रियाओं से लेकर इसका विस्तार उन सूक्ष्मतम प्रक्रियाओं तक फैला है जहाँ जीवन संरक्षण के लिये औषधीय सेवाओं मे अचूक मापन अपरिहार्य है। परिणामस्वरुप, वर्तमान मे प्रचलित ‘विधिक माप विज्ञान अधिनियम, 2009’ व्यापार ‘संव्यवहार’ के साथ-साथ ‘संरक्षण’ को नियंत्रित करने का विस्तृत प्राविधान उपलब्ध कराता है और अपनी विस्तृत परिधि मे डिबा-बंद वस्तुओं मे व्यापार संव्यवहार को नियंत्रित करने को भी समाहित करता है जिसके क्रियान्वयन हेतु पृथक से ‘विधिक माप विज्ञान (पैकेज वस्तु) नियमावली, 2011’ प्रख्यापित की गयी है।

संक्षेप मे विभाग द्वारा किये जाने वाले कार्यों का विवरण निम्न प्रकार है।

1. केन्द्र सरकार द्वारा स्थापित मानकों का अनुकरण करते हुये ‘विधिक माप विज्ञान अधिनियम, 2009’ के प्राविधानो के अधीन ‘व्यापार संव्यवहार’ एवं ’संरक्षण’ मे प्रयोग किये जाने वाले माप-तौल उपकरणो का नियमित समयान्तराल पर परीक्षण एवं मुद्रांकन करते हुये उनकी यथार्थता सुनिश्चित करना।

2. विधि के अधीन विहित संव्यवहार अथवा संरक्षण मे मानक से अन्यथा मापक इकाईयों का प्रयोग करना, मानक से अन्यथा बाटों/मापों का प्रयोग करना, अनुबंधित मात्रा से अन्यथा वस्तुओं के संव्यवहार मे घटतौली/बढतौली करना, डिबा-बंद उत्पादों पर विधि द्वारा निर्धारित घोषणा नियमानुसार न होना, पैकेज मे घोषित से कम मात्रा मिलना अथवा अधिनियम/नियमावली के प्राविधानो का उल्लंघन पाये जाने की स्थिति मे अपराध के लिये दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध दण्डात्मक कार्यवाही आरंभ करना।

3. अभियोजित मामलों का शमन द्वारा निस्तारण करना तथा शमन द्वारा निस्तारित न कराये जाने वाले एवं अशमनीय मामलों को सक्षम न्यायालय मे निवेशित करना इत्यादि

Span of Departmental Activities

The importance of Legal Metrology is not only confined to retail sell and buy trade activities. Rather it has become inevitable in each and every staple activity related with human living. Beginning with simple weighing & measuring acts, it expands into even those precision procedures where infallible measure of medicinal services is a must to safeguard protection of life. And as such, 'the Legal Metrology Act, 2009' as presently in vogue, provides exhaustively not only for 'commercial transaction' along with 'protection' but also brings in its purview the regulation of trade and commerce in 'pre-packaged commodities' to enforce for which 'the Legal Metrology (Packaged Commodities) Rules, 2011' are separately established.

In brief, departmental activities can be elaborated, as follows:

1. To ensure accuracy of weighing & measuring instruments, which are used in commercial transactions & protection, in hierarchy of standards established by the Central Government as per provisions of the Legal Metrology Act, 2009, by verifying and stamping them at prescribed periodical intervals.

2. To Initiate punitive action against those found guilty of using non-standard units of weights/ measures or numbers, using unverified weights & measures, delivering/buying quantities in shorter or excess than the contracted for or paid for, violating the prescribed declarations on pre-packaged commodities, less than declared quantity of the commodity filled in the pre packed packages or any other violation of the Act or Rule.

3. To settle the offences by compounding or to submit before the court of law in such offences which are either not compoundable or have not been compounded.




 

Best viewed with Internet Explorer  & 1024 x 768 resolution  
Developed by National Informatics Center Uttar Pradesh State Unit.Content Provided & maintained by the Department of Legal Metrology (Weights & Measures), Govt. of Uttar Pradesh.

Contact Information

Controller of UP Legal Metrology (Weights & Measures),
Government of Uttar Pradesh, 7,
Wala Quadar Road, Lucknow – 1 (Uttar Pradesh)
Ph: 0522-2628063/2225997
Fax:0522-2610967/2275902
Email: support[dot]clm-up[at]gov[dot]in
Toll Free Customer Care Number:1800-1800-300